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CIBIL स्कोर क्या है और इसे कैसे बेहतर बनाया जाए? sub-tab

CIBIL स्कोर क्या है और इसे कैसे बेहतर बनाया जाए?

CIBIL स्कोर क्या है और मेरे CIBIL स्कोर को कौन से कारक प्रभावित करते हैं?

CIBIL स्कोर, आपके क्रेडिट इतिहास की 3 अंकों का सांख्यिक सारांश है, जिसे आपकी CIBIL रिपोर्ट पर मौजूद 'खाते' और 'पूछताछ' अनुभागों में मिलने वाले विवरण का उपयोग करके प्राप्त किया जाता है और यह 300 से 900 के बीच होता है. आपका स्कोर 900 के जितना करीब होता है, आपके ऋण आवेदन के स्वीकृत होने की उतनी ही ज़्यादा संभावनाएं होती हैं.

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मैं अपना CIBIL स्कोर कैसे बेहतर बनाऊं?

आप अच्छा क्रेडिट इतिहास बनाए रखकर अपना CIBIL स्कोर बेहतर बना सकते हैं, जो कि ऋणदाता द्वारा ऋण स्वीकृत करने के लिए अत्यंत आवश्यक है. इन 6 चरणों का पालन करें, जिससे आपको अपना स्कोर बेहतर बनाने में मदद मिलेगी:

  1. अपनी बकाया राशियों का भुगतान हमेशा समय पर करें:
  2. देरी से भुगतानों को ऋणदाताओं द्वारा नकारात्मक तौर पर देखा जाता है.

  3. अपने बैलेंस को कम बनाए रखें:
  4. हमेशा बहुत ज़्यादा क्रेडिट का उपयोग नहीं करके समझदार बनें, अपने उपयोग पर नियंत्रण रखें.

  5. अच्छा क्रेडिट संयोजन बनाए रखें:
  6. प्रतिभूत (जैसे गृह ऋण, वाहन ऋण) और अप्रतिभूत ऋण (जैसे व्यक्तिगत ऋण, क्रेडिट कार्ड) का सही संयोजन बनाकर रखना हमेशा बेहतर होता है. बहुत ज़्यादा अप्रतिभूत ऋणों को नकारात्मक तौर पर देखा जा सकता है.

  7. नये क्रेडिट के लिए संयम से आवेदन करें:
  8. आप ऐसा प्रदर्शित नहीं करना चाहेंगे कि आप बहुत ज़्यादा क्रेडिट की लगातार खोज कर रहे हैं; नए क्रेडिट के लिए सावधानी से आवेदन करें.

  9. अपनी सह-हस्ताक्षरित गारंटीड और संयुक्त खातों पर मासिक रूप से नज़र रखें:
  10. सह-हस्ताक्षरित, गारंटीकृत या संयुक्त रूप से रखे गए खातों में आप भुगतानों में चूक के लिए समान रूप से दायी होते हैं. जब आपको क्रेडिट की ज़रूरत हो, तब आपके संयुक्त खाता धारक (या गारंटीकृत व्यक्ति) की लापरवाही के कारण आपकी क्रेडिट प्राप्त करने की योग्यता प्रभावित हो सकती है.

  11. पूरे वर्ष अपने क्रेडिट इतिहास की समय-समय पर समीक्षा करें
  12. अपने CIBIL स्कोर और रिपोर्ट पर नियमित रूप से नज़र रखें और ऋण का आवेदन अचानक अस्वीकृत होने की दुखद घटना से बचें.

अपनी क्रेडिट इन्फ़ॉर्मेशन रिपोर्ट को कैसे पढ़ें और उसकी व्याख्या कैसे करें? sub-tab

अपनी क्रेडिट इन्फ़ॉर्मेशन रिपोर्ट को कैसे पढ़ें और उसकी व्याख्या कैसे करें?

अपनी क्रेडिट इन्फ़ॉर्मेशन रिपोर्ट (CIR) को कैसे पढ़ें और उसकी व्याख्या कैसे करें

जब हम किसी ऋण के लिए आवेदन करते हैं, तो हमें जो डर और चिंता होती है, उससे हम सभी अवगत हैं. आखिरकार, ऋणदाता ही यह फैसला करता है कि हम अपने सपनों का घर, अपनी पहली कार ले सकेंगे या हमारे बच्चे उच्च शिक्षा पा सकेंगे या नहीं. संक्षेप में कहें तो, ऋणदाता के फैसले पर ही बेहतर जीवन का दारोमदार होता है.

हमें अपने आवेदन का मूल्यांकन करने के ऋणदाता के मापदंड के बारे में पता नहीं होता है. क्या यह हमारी कुल आय, संपत्तियों की संख्या (जमा राशियों और निवेश) है या यह ऋणदाताओं को किए गए भुगतानों को लेकर हमारा पिछला प्रदर्शन होता है, जिनसे हमने क्रेडिट सुविधा प्राप्त की है? जहां ऋणदाता के फैसले में दूसरे कारक भी भूमिका निभाते हैं, हमारे CIBIL स्कोर की इसमें प्रमुख भूमिका होती है. CIBIL स्कोर, आपके CIR का 3 अंकों का सारांश होता है. वर्तमान में, लगभग सभी ऋणदाता आपके ऋण आवेदनों को स्वीकृत करने के पहले आपका CIBIL स्कोर देखते हैं. स्वाभाविक तौर पर, यह महत्वपूर्ण है कि आप किसी ऋण के लिए आवेदन करने के पहले अपने CIBIL स्कोर और रिपोर्ट की कॉपी प्राप्त कर लें और उसे समझ लें.

इसलिए आपकी CIR में असल में क्या शामिल होता है?

व्यक्तिगत जानकारी

इस अनुभाग में ऋणदाता को आपका नाम, जन्म की तारीख, लिंग, आइडेंटिफ़ायर (जैसे पैन, वोटर ID या पासपोर्ट नं. आदि) की जानकारी देता है. यह सुनिश्चित करने के लिए इस जानकारी को देखें कि प्रमुख आइडेंटिफ़ायर जैसे पैन या पासपोर्ट नं. का उल्लेख सही तरीके से किया गया है.

संपर्क जानकारी

आपके पतों और टेलीफ़ोन नंबर इस अनुभाग में प्रदान किए जाते हैं. CIBIL रिपोर्ट में अधिकतम 4 पते दिए जाते हैं. व्यक्तिगत और संपर्क जानकारी अनुभाग दोनों ही वह विवरण देते हैं, जिनसे यह पता चलता है कि CIR पर दी गई जानकारी किससे संबंधित है.

रोज़गार की जानकारी

रोज़गार अनुभाग से, ऋणदाता को आपकी मासिक या वार्षिक आय के विवरण मिलता है, जैसा कि हमारे सदस्यों द्वारा प्रदान किया जाता है. रिपोर्ट की गई आय आमतौर पर क्रेडिट संस्थान द्वारा रिपोर्ट किया गया पहला आंकड़ा होती है और ज़रूरी नहीं है कि यह अपडेट की गई जानकारी हो.

खाता जानकारी

इस अनुभाग में आपकी क्रेडिट कार्ड सुविधाओं के विवरण जैसे ऋणदाता(ऋणदाताओं) का नाम, क्रेडिट सुविधा (गृह ऋण, वाहन ऋण, क्रेडिट कार्ड आदि) का प्रकार, खाता नंबर, वे एकल हैं या संयुक्त धारित, हर एक खाता कब खोला गया था, पिछले भुगतान की तारीख, ऋण की राशि, मौजूदा बैलेंस और सबसे ज़रूरी, आपके भुगतानों के अधिकतम 3 वर्षों के मासिक रिकॉर्ड का माह. हम इनकी जानकारी को नीचे विस्तृत रूप से कवर करेंगे.

पूछताछ की जानकारी

यह अनुभाग आपके उस ऋण आवेदन के बारे में विवरण देता है, जो आपने किया है. पूछताछ का मतलब यह है कि किसी क्रेडिट संस्थान ने CIBIL से आपके क्रेडिट विवरण का अनुरोध किया है. बहुत कम समयावधि में आपकी एक से ज़्यादा पूछताछ से बहुत ज़्यादा क्रेडिट की कोशिश करने का आपका व्यवहार ज़ाहिर हो सकता है, इस पर ध्यान देकर ऋणदाता, आगे बढ़ने में एहतियात बरत सकते हैं. की गई पूछताछ 7 वर्षों के लिए कैप्चर की जाती है.

ऋण आवेदन के लिए तैयारी करते समय किए जाने वाले कार्य sub-tab

ऋण आवेदन के लिए तैयारी करते समय किए जाने वाले कार्य

ऋण आवेदन के लिए तैयारी करते समय किए जाने वाले कार्य: पात्रता की जांच

ऋण के लिए आवेदन करना बोझिल और परेशान करने वाली प्रक्रिया हो सकती है. आप लंबे फ़ॉर्म भरते हैं, बहुत से दस्तावेज़ इकट्ठे करते हैं और उन्हें अलग-अलग बैंकों में सबमिट करते हैं और फिर ऋण की स्वीकृति के लिए सांस रोक कर कतार में इंतज़ार करते हैं जब तक सपनों के उस घर को लेकर आपकी योजनाओं को लेकर या आपके बच्चे की शिक्षा के लिए तब तक इंतज़ार चलता रहता है.

1. आपका CIBIL स्कोर

आपको पहला काम यह करना चाहिए कि अपना CIBIL स्कोर और क्रेडिट ब्यूरो से रिपोर्ट प्राप्त करनी चाहिए. आमतौर पर, 750 या इससे ज़्यादा का CIBIL स्कोर आपको किसी ऋण की प्रतिस्पर्धा में रखता है लेकिन वह इसकी स्वीकृति की गारंटी नहीं देता है. निश्चित तौर पर, अगर आपका स्कोर 750 से कम है, तो सब कुछ खत्म नहीं हो गया है. ऐसे वित्तीय संस्थान मौजूद हैं, जो कम स्कोर वाले लोगों को भी ऋण देते हैं.

आपकी क्रेडिट पात्रता तय करना

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2. आपकी क्रेडिट पात्रता

आपकी क्रेडिट पात्रता, किसी ऋणदाता द्वारा समीक्षा किया जाने वाला दूसरा मापदंड होता है. आपकी क्रेडिट पात्रता का निर्धारण, आपके CIBIL स्कोर का और आपके बैंक विवरण का उपयोग करके आगे दिए गए तरीके से किया जाता है:

  • आपकी भुगतान अनियमितताओं की समीक्षा: पहले चरण के तौर पर, ऋणदाता आपके भुगतान पैटर्न की अनियमितताओं के लिए आपकी CIBIL रिपोर्ट की समीक्षा करेंगे. भुगतानों में चूक, अतिदेय राशियां और बीते हालिया समय में निपटान किए गए खातों से वित्तीय बाध्यताओं का संकेत मिलता है और इनके कारण संभवतः ऋण आवेदन खारिज हो सकता है. अगर आपको अपनी CIBIL रिपोर्ट पर इस तरह की कोई भी स्थिति दिखाई देती है, तो किसी ऋण के लिए आवेदन करने के पहले अपनी सभी बकाया राशियों का भुगतान लगातार`12 महीने के लिए करना बेहतर होगा.
  • ऋण भार अनुपात की गणना करनाः वह अगला मापदंड जिस पर ऋणदाता इस बात के लिए विचार करता है कि क्या आपकी मौजूदा वित्तीय स्थिति के मद्देनज़र आप अतिरिक्त भुगतानों की पूर्ति कर सकेंगे. ऊपर दिए गए चित्र में व्यक्ति को मिलने वाली निवल आमदनी 1,00,000 रू है जबकि उनकी कुल EMI 25,000 रु. है. इससे उनके ऋण का भार 0.25 पर आ जाता है. आमतौर पर, ऋणदाता आपके आवेदन को खारिज कर देगा अगर आपके ऋण का भार 0.50 से अधिक हो जाएगा. इसका पूर्वानुमान यह है कि आपको सामान्य खर्च (यूटिलिटीज़, मनोरंजन आदि)को बराबर करने के लिए कम से कम अपने आधे वेतन की ज़रूरत पड़ेगी. इन दोनों आंकड़ों के बीच का अंतर, यानी 0.25, उनकी उधार लेने की क्षमता है, जो 25,000 रू के बराबर है. यह मानते हुए कि उन्होंने 15 वर्षों के लिए कोई ऋण 10% की ब्याज दर पर लिया है, इससे रू. 25,00,000 की क्रेडिट पात्रता इंगित होती है.
  • बकाया क्रेडिट कार्ड भुगतान: अगर आपके पास 3-4 क्रेडिट कार्ड हैं और आपने अपनी क्रेडिट सीमा के बहुत ज़्यादा प्रतिशत का उपयोग कर लिया है, तो इससे आपके ऋण आवेदन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है. रोचक बात यह है कि, अप्रयुक्त क्रेडिट कार्ड को सकारात्मक तौर पर देखा जा सकता है.

जैसा कि आप देख सकते हैं, आपके पास अपनी क्रेडिट पात्रता का पता लगाने के लिए सभी ज़रूरी टूल मौजूद हैं. तो, इससे पहले कि आप किसी ऋण के लिए आवेदन करें, सुनिश्चित करें कि आप ये सामान्य गणनाएं अपने आवेदन को खारिज होने की परेशानी से बचाने के लिए ही नहीं बल्कि बेहतर डील के लिए सौदेबाज़ी करने के लिए बेहतर स्थिति में होने के लिए भी ज़रूर कर लें.

मिथक और तथ्य sub-tab

मिथक और तथ्य

  1. मिथक- CIBIL केवल डिफ़ॉल्टर की सूची बनाए रखता है और CIBIL में आपका नाम होना बुरी बात है.
  2. तथ्य- अगर आपने किसी बैंक या वित्तीय संस्थान से कभी भी कोई ऋण लिया है तो इस बात की सबसे ज़्यादा संभावना है कि आपकी जानकारी CIBIL में मौजूद है. इसलिए आपका नाम CIBIL में मौजूद होगा, भले ही आप अपने सभी दायित्वों का भुगतान समय पर कर रहे हों. RBI ने बैंकों और वित्तीय संस्थानों के लिए, उन ग्राहकों से संबंधित मासिक पुनर्भुगतान डेटा क्रेडिट ब्यूरो को सबमिट करना अनिवार्य बना दिया है, जिन्होंने उनसे कोई ऋण या क्रेडिट कार्ड लिया है. CIBIL सभी संस्थानों से ऐसे व्यक्तियों के भुगतानों के इन रिकॉर्ड को बनाए रखता है. इसके बाद इस डेटा का उपयोग वित्तीय संस्थानों द्वारा ऋण और क्रेडिट कार्ड की स्वीकृति देने में किया जाता है. आपके CIBIL स्कोर और रिपोर्ट की व्याख्या, बैंक या वित्तीय संस्थान द्वारा किस तरह की जाती है, यह उनकी क्रेडिट नीति पर निर्भर करता है. CIBIL किसी व्यक्ति को डिफ़ॉल्टर के तौर पर वर्गीकृत नहीं करता है.

  3. मिथक- अगर आप अपने CIBIL स्कोर और रिपोर्ट की जांच करेंगे, तो आपके क्रेडिट स्कोर में गिरावट आ जाएगी.
  4. तथ्य- जब कभी आपकी CIBIL रिपोर्ट को बैंक द्वारा एक्सेस किया जाता है, तो यह आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में "पूछताछ" के रूप में दिखाई देती है. पूछताछ यह इंगित करती है कि आप नया क्रेडिट खोज रहे हैं. हालांकि, जब आप अपने खुद के क्रेडिट स्कोर की जांच करते हैं और सीधे CIBIL के लिए रिपोर्ट कराते हैं, तो "पूछताछ", CIBIL रिपोर्ट में प्रदर्शित नहीं होती है और इसका आपके क्रेडिट स्कोर पर कोई भी प्रभाव नहीं पड़ता है. आपकी क्रेडिट रिपोर्ट को समय-समय पर देखते रहना अच्छा काम है. शुरुआत करने के लिए क्लिक करें.

  5. मिथक- क्रेडिट कार्ड या ऋण के बजाय नकद का उपयोग करना बेहतर होता है.
  6. तथ्य- कैश की तुलना में क्रेडिट (ऋण या क्रेडिट कार्ड) का उपयोग करना हमेशा बेहतर होता है, जब आपने उस तारीख तक किसी भी क्रेडिट का लाभ नहीं लिया हो और आप क्रेडिट इतिहास बनाना चाहते हों. क्रेडिट इतिहास होने पर ऋणदाता यह निर्धारित करके कि क्या आपने अपने क्रेडिट को ज़िम्मेदारी से प्रबंधित किया है, आपकी क्रेडिट पुनर्भुगतान योग्यता का मूल्यांकन कर सकता है. आपके क्रेडिट इतिहास से बैंक को ऐसे किसी भी अतिरिक्त ऋण का भुगतान करने की आपकी योग्यता का मूल्यांकन करने में मदद मिलती है, जिसकी आपको ज़रूरत है. अगर आपके पास कोई भी ऋण या क्रेडिट कार्ड नहीं है और आप पूरी तरह नकद पर या डेबिट कार्ड पर निर्भर हैं, तो बैंक के पास आपके भुगतान ट्रैक रिकॉर्ड की जांच करने का कोई भी संदर्भ नहीं होता है और वह आपके ऋण आवेदन का मूल्यांकन करने के लिए पूरी तरह दूसरे कारकों पर निर्भर होगा जैसे आय और जनसांख्यिकी. अच्छा क्रेडिट इतिहास होने पर ज़्यादा बेहतर शर्तों पर ऋण को तेज़ी से स्वीकृत करना और संवितरित करना सुनिश्चित होता है.

    हालांकि, अगर आपका स्वभाव, अपने क्रेडिट कार्ड पर ज़्यादा खर्च करने का है, तो आपको कैश का उपयोग करने का सुझाव दिया जाता है. क्रेडिट कार्ड पर बहुत ज़्यादा ब्याज दर लगाई जाती है. अगर आप अपने क्रेडिट कार्ड के पूरे खर्च का भुगतान हर महीने नहीं करते हैं, तो आप पर बकाया बैलेंस पर 24% से लेकर 36% प्रतिवर्ष तक ब्याज लगाया जाएगा. इसके कारण बकाया राशि बहुत जल्दी काफ़ी ज़्यादा हो जाती है और पुनर्भुगतान में डिफ़ॉल्ट होने पर आप भविष्य में दूसरे मकसद से (कार और घर खरीदने के लिए). वैकल्पिक रूप से, अगर आप अच्छा वित्तीय अनुशासन बना कर रखते हैं, तो क्रेडिट कार्ड से आपको क्रेडिट इतिहास बनाने में और रिवॉर्ड प्रोग्राम का फ़ायदा उठाने में मदद मिलती है जैसे ईंधन भरवाने पर कैश बैक, हवाई यात्रा में छूट और दूसरे बहुत से उपहार.

  7. मिथक- CIBIL वह संगठन है जिसका आशय केवल बैंकों और वित्तीय संस्थानों की मदद करने का है.
  8. तथ्य- CIBIL का उद्देश्य बैंकों और वित्तीय संस्थानों को न केवल ऋण देने के ठोस वित्तीय फैसले लेने में मदद करना है, बल्कि उपभोक्ताओं को क्रेडिट के संबंध में ज़्यादा अनुशासित बननें में सक्षम बनाना है जिससे उन्हें ज़्यादा तेज़ी से ऋण की अनुमतियां पाने में और कभी कभी अपने ऋण से जुड़ी बेहतर शर्तें पाने में मदद मिल सकती है. संक्षेप में कहें, तो हम आपकी यह समझने में मदद करते हैं कि कोई ऋणदाता आपके ऋण, ऋण के आपके आवेदन का मूल्यांकन कैसे करता है, ताकि आप केवल तभी आवेदन करें, जब स्वीकृति से जुड़ी आपकी संभावनाएं ज़्यादा हों और इसलिए आप ऋण खारिज होने की व्यर्थ की परेशानी से बच सकें.

  9. मिथक- मेरी क्रेडिट रिपोर्ट में सीधे सुधार करने का अधिकार CIBIL के पास होता है.
  10. तथ्य- CIBIL के पास आपकी रिपोर्ट में सीधे कोई भी बदलाव करने का अधिकार नहीं होता है. ऐसा कोई भी बदलाव, जो किए जाने की ज़रूरत है, संबंधित बैंक या वित्तीय संस्थान द्वारा किया/स्वीकृत किया जाना चाहिए. केवल इसके बाद ही CIBIL आपकी CIBIL रिपोर्ट में कोई बदलाव कर सकता है. हालांकि, CIBIL इस प्रक्रिया को आसान बनाने में मदद कर सकता है.

  11. मिथक- कम CIBIL स्कोर का मतलब यह है कि मुझे कभी भी कोई ऋण या क्रेडिट कार्ड नहीं मिलेगा.
  12. तथ्य- हर एक उधार लेने वाले के लिए कोई न कोई ऋणदाता मौजूद होता है. कम क्रेडिट स्कोर से कुछ बैंकों के लिए दरवाज़े बंद हो सकते हैं लेकिन ऐसे ऋणदाता भी होते हैं, जो ऐसे व्यक्तियों को क्रेडिट मंज़ूर करने की इच्छा रखते हैं. हालांकि, ब्याज दरें और चार्ज ज़्यादा हो सकते हैं क्योंकि कम क्रेडिट स्कोर से जुड़ा, माना गया जोखिम अधिक होता है.

  13. मिथक- मेरी संपत्तियां, आय, निवेश इन सभी का मेरे CIBIL स्कोर पर प्रभाव पड़ता है.
  14. तथ्य- आपकी CIBIL रिपोर्ट में केवल ऋण और क्रेडिट कार्ड से संबंधित विवरण शामिल होते हैं. इसमें आपके सेविंग्स या करंट अकाउंट, के बैलेंस, निवेश या संपत्तियां जैसे म्युच्युअल फ़ंड्स, शेयर आदि पर ध्यान नहीं दिया जाता है. इसलिए ये नंबर आपके CIBIL स्कोर को प्रभावित नहीं करते हैं.

  15. मिथक- बाउंस हुए चेक से चेक जारी करने वाले का क्रेडिट स्कोर कम हो जाएगा.
  16. तथ्य- चूंकि आपके सेविंग्स और करंट अकाउंट के विवरण आपकी CIBIL रिपोर्ट का भाग नहीं होते हैं, इसलिए बाउंस हुए चेक से आपके क्रेडिट स्कोर पर कोई असर नहीं पड़ता है. हालांकि, अगर आप किसी EMI या क्रेडिट कार्ड भुगतान से चूक जाते हैं, तो इसका असर आपके CIBIL स्कोर पर होगा.

अपनी क्रेडिट इन्फ़ॉर्मेशन रिपोर्ट की गलतियों को कैसे सुधारें sub-tab

अपनी क्रेडिट इन्फ़ॉर्मेशन रिपोर्ट की गलतियों को कैसे सुधारें

विवाद समाधान की प्रक्रिया: अपनी CIBIL रिपोर्ट की गलतियों को कैसे सुधारें

आपका CIBIL स्कोर और रिपोर्ट, ऋण आवेदन की प्रक्रिया के महत्वपूर्ण कारक हैं. इसलिए, आपकी क्रेडिट रिपोर्ट की अशुद्धताओं के परिणामस्वरूप ऋण स्वीकृति की कम संभावना हो सकती है. हर एक क्रेडिट सक्रिय व्यक्ति के लिए यह बहुत महत्वपूर्ण है कि वह उन अशुद्धियों के प्रकार को समझे जो कि हो सकती है, और उनकी CIBIL रिपोर्ट के लिए उनका क्या मतलब है. CIBIL, आपकी रिपोर्ट में मौजूद क्रेडिट जानकारी में तब तक बदलाव नहीं कर सकता, जब तक क्रेडिट संस्थान(CI) द्वारा इसकी अनुमति नहीं दी गई हो.

अशुद्धताओं के प्रकार

  1. मौजूदा बैलेंस या अतिदेय राशि गलत होना
    आपका CIBIL स्कोर और रिपोर्ट खरीदने पर, हो सकता है कि आपको यह दिखाई दे कि आपका 'मौजूदा बैलेंस' या 'अतिदेय राशि' आपके सबसे हाल ही के भुगतान के लिए अपडेट नहीं है. ऐसा तब होता है, जब आपने अपना CIBIL कोर और रिपोर्ट, भुगतान करने के 45 दिनों के अंदर खरीदा हो. क्रेडिट संस्थान आमतौर पर बकाया राशियों के पिछले भुगतान से संबंधित 45 दिनों की अवधि का डेटा ही सबमिट करते हैं, इसलिए हो सकता है कि हाल ही का भुगतान आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में तब तक प्रदर्शित नहीं हो, जब तक कि उस ऋणदाता द्वारा डेटा सबमिट नहीं किया जाए. हालांकि, अगर उस खाते से संबंधित 'रिपोर्ट किया गया डेटा' (वह तारीख जबकि डेटा की रिपोर्ट हमें की गई) 2 माह पुराना हो, तो आप हमें यह जानकारी अपडेट करने के लिए लिख सकते हैं.
    गलत 'मौजूदा बैलेंस' (खासतौर से ज़्यादा होने पर) से यह इंगित होता है कि आपके पास सीमा से ज़्यादा ऋण है. 'अतिदेय धनराशि' यह इंगित करती है कि आप अपने मौजूदा ऋण दायित्वों को पूरा नहीं कर सकते हैं. इन दोनों को ही ऋणदाताओं द्वारा नकारात्मक रूप से देखा जाता है और इनसे आपकी ऋण स्वीकृति की संभावनाएं प्रभावित हो सकती हैं.
  2. गलत व्यक्तिगत विवरण
    क्रेडिट इन्फ़ॉर्मेशन हमें विभिन्न बैंकों और वित्तीय संस्थानों द्वारा सबमिट की जा सकती है. हर एक ऋणदाता आपके क्रेडिट खाते के साथ आपकी व्यक्तिगत जानकारी जैसे नाम, पता, जन्म की तारीख, पैन आदि सबमिट करता है. इसके बाद हम व्यक्तिगत जानकारी का इस्तेमाल इस जानकारी को एक सिंगल CIBIL रिपोर्ट के रूप में एकत्रित करता है.
    यह सुनिश्चित करें कि आपने अपने ऋण के आवेदन के समय अपने ऋणदाता को सटीक और अपडेटेड विवरण दिए हैं. इसके अलावा, हर बार जब आपके व्यक्तिगत विवरण बदलते हैं, या अपडेट होते हैं, तो आपको अपने बैंक या वित्तीय संस्थान को सूचित करना चाहिए ताकि वे अपने डेटाबेस में ज़रूरी बदलाव कर सकें.
  3. स्वामित्व
    अगर कोई व्यक्तिगत विवरण या आपकी CIBIL रिपोर्ट पर बताए गए एक या एक से ज़्यादा खाते आपसे संबंधित नहीं हैं, तो आपको नीचे बताई गई विवाद समाधान प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए.
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क्रेडिट कार्ड ऋण से जुड़े दुष्चक्र में फंसने से खुद को बचाने के लिए किस चीज़ पर नज़र रखनी चाहिए? sub-tab

क्रेडिट कार्ड ऋण से जुड़े दुष्चक्र में फंसने से खुद को बचाने के लिए किस चीज़ पर नज़र रखनी चाहिए?

अपनी ऋण की खोज (और आवेदन) को तेज़ और ज़्यादा आसान बनाने का सबसे आसान तरीका ऊंचा CIBIL स्कोर बनाए रखना है. ऋण से जुड़े दुष्चक्र के सबसे आम प्रकारों और उनसे बचने के तरीकों के बारे में जानें ताकि इससे आपकी क्रेडिट स्थिति पर नकारात्मक प्रभाव न पड़े.

वे कौन से संकेत हैं, जिनसे यह इंगित होता है कि आप ऋण से जुड़े दुष्चक्र के जाल में फंस गए हैं या फ़ंस रहे हैं?

  • जब आप अपने साधनों से ज़्यादा खर्च कर रहे हों
  • जब आप अपने बिलों का भुगतान देरी से कर रहे हों और भुगतान समय-सीमाओं से लगातार चूक रहे हों
  • जब आपके पास उपलब्ध ऋण के मौजूदा विकल्प खत्म हो गए हों
  • जब आप क्रेडिट कार्ड के बिना काम नहीं चला सकते हों.
  • अगर आपने अभी तक कोई भी निवेश नहीं किया हो

आप ऋण से जुड़े दुष्चक्र में फ़ंसने से कैसे बच सकते हैं?

आजकल अधिकांश शहरी जनसंख्या, क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करती है. यह पैसे को प्रबंधित करने का सबसे शानदार तरीका है बशर्ते कि आपने अपने क्रेडिट कार्ड बिल का भुगतान समय पर करते हों. चूंकि आप ज़्यादा क्रेडिट अवधि खरीद रहे हैं, इसका मतलब यह है कि जब आप खर्च करना जारी रखते हैं, तब आपकी बचत से कम से कम न्यूनतम ब्याज दर (अगर यह बैंक के पास रखी है) अर्जित होती रहेगी. लेकिन नीचे दिए गए बिंदुओं का ध्यान रखें:

  • फ़ाइन प्रिंट पढ़ें - इससे पहले कि आप कोई नया क्रेडिट कार्ड लें, उनके नियमों और शर्तों को पढ़ें. क्रेडिट कार्ड को उदाहरण के तौर पर लें, आइए कुछ आंखें खोल देने वाली चीज़ों के बारे में चर्चा करेः
    • ब्याज मुक्त क्रेडिट अवधि - हो सकता है कि आपको ऐसा लगे कि आपके पास 30-35 दिनों का ब्याज मुक्त क्रेडिट मौजूद है, लेकिन यह नहीं भूलें कि यह अवधि, बिलिंग चक्र के पहले दिन से शुरू होती है और खरीदारी की तारीख से नहीं (जब तक कि आपके ऋणदाता द्वारा अन्यथा ऐसा नहीं बताया गया हो). आप अपनी खरीदियों का सबसे अच्छा उपयोग करके इसका सबसे ज़्यादा फ़ायदा उठा सकते हैं और इस तरह ऋण से जुड़े दुष्चक्र से बच कर "ब्याज मुक्त अवधि" का इस्तेमाल कर सकते हैं.
    • ब्याज का चक्र- अधिकांश मामलों में किसी चूक की स्थिति में या न्यूनतम बकाया राशि के भुगतान में चूक होने पर अधिकांश मामलों में ब्याज दर, खरीदी की तारीख से लगाई जाती है और भुगतान की देय तारीख से नहीं. आइए हम एक उदाहरण पर नज़र डालते हैं.
      • अमित, 1 जनवरी को 50,000 रू. का एक LED TV खरीदता है और 15 जनवरी को 12,000 रू की एक वॉशिंग मशीन खरीदता है. देय तारीख 15 फ़रवरी है. वह अपनी समय-सीमा से चूक जाता है. तो अब ब्याज दर की गणना जो कि अधिकतम 36-45% होगी, देरी से भुगतान के शुल्कों पर लगाई जाएगी.
      • तो ब्याज दरों की गणना कैसे की जाती है? इसकी गणना आमतौर पर खरीदी की तारीख से की जाती है, देय तारीख या बिल की तारीख से नहीं. इससे सब कुछ बदल जाता है! अब अमित पर 45 दिनों का और वॉशिंग मशीन की खरीदी के लिए 30 दिनों के लिए खरीदारी के लिए ब्याज का भुगतान करेगा. तो भले ही आप यह सोचें कि आप भुगतान करने से केवल एक दिन या एक हफ़्ते से चूक गए हैं, लेकिन आपके ब्याज की सुविधा कहीं ज़्यादा होती है!
    • संचयी ब्याज - जब आप अपने पैसों को आगे बढ़ा रहे हों यानी सिर्फ़ देय न्यूनतम राशि का ही भुगतान करते हैं, तब आप खरीदी की शुरुआती तारीख से ही ब्याज के प्रभार को इकट्ठा करते हैं. जब कभी भुगतान किया जाता है, तब उसे पहली खरीदी के लिए ऑफ़सेट किया जाता है. जब इसे एडजस्ट कर लिया जाता है, तब यह अगली खरीदारी पर चला जाता है. संक्षेप में, यह FIFO विधि को फ़ॉलो करता है. उदाहरण के लिए, अगर आपका मौजूदा क्रेडिट कार्ड बिल 10,000 रू है और यह मानकर कि आप कार्ड पर और ज़्यादा खर्च नहीं कर रहे हैं और 500 रु. मासिक रूप से भुगतान कर रहे हैं, वह आपको अधिकतम 3 वर्षों तक आपको पूरी राशि का भुगतान करने का समय देगा. आपके द्वारा खर्च किए गए हर एक 100 रु. के लिए आप 175 रू का भुगतान करेंगे!
  • केवल उसी राशि पर खर्च करें, जिसकी आपको ज़रूरत है: हो सकता है कि आपने पहले इसे पढ़ा हो लेकिन यह इससे आसानी से नहीं समझाया जा सकता है. माह के लिए एक आसान सी प्रक्रिया का पालन करें- अपने सभी खर्चों को ट्रैक करें. उन्हें अपने फ़ोन पर या घर पर नोट करें. जब आप ऐसा करते हैं, तो आपको यह महसूस होगा कि आपका पैसा कहां जा रहा है. इसके बाद उन चीज़ों को कम करें, जिनकी आपको ज़रूरत नहीं है.

साथ ही इन सभी चीज़ों का असर आपके CIBIL स्कोर पर भी पड़ेगा. डिफ़ॉल्ट होने पर न सिर्फ़ आपका भुगतान इतिहास प्रभावित होता है, बल्कि आपका मौजूदा बैलेंस भी बढ़ता है, जिससे ज़्यादा ऋण इंगित होता है.

CIBIL आपकी ऋण खोज को किस प्रकार आसान बना देता है sub-tab

CIBIL आपकी ऋण खोज को किस प्रकार आसान बना देता है

आमतौर पर जब हमें ऋण या क्रेडिट कार्ड की ज़रूरत पड़ती है, तो हम ब्याज दरों और दूसरे प्रभारों (जैसे प्रोसेसिंग प्रभारों) का पता लगाने के लिए कम से कम 2-3 बैंक या वित्तीय संस्थानों से संपर्क करते हैं. इसके बाद हम अपने सभी दस्तावेज़ों को व्यवस्थित कर, उन्हें ऋण आवेदन के साथ इन ऋणदाताओं को सबमिट करते हैं. ऋणदाता अब आपके आवेदन का आकलन करते हुए पहले आपके CIBIL स्कोर और रिपोर्ट का संदर्भ लेते हुए 'ऋण मूल्यांकन' की प्रक्रिया शुरू करते हैं. उनके ऋण देने के मापदंड के आधार पर, जो कि हर ऋणदाता का अलग अलग होता है, आपका ऋण स्वीकृत हो सकता है और नहीं भी हो सकता है.

लेकिन यह समय लेने वाली प्रक्रिया है और आपके ऋण के प्रकार के आधार पर इसमें कुछ महीने लग सकते हैं! इसका निराकरण करने के लिए, हमने 'व्यक्ति के मुताबिक ऋण के ऑफ़र' लॉन्च किए हैं, जिनका लक्ष्य आपकी क्रेडिट पात्रता के आधार पर ऋणदाताओं द्वारा ऑफ़र की जाने वाली डील आपको पेश करके आपके ऋण और क्रेडिट कार्ड की खोज को आसान बनाना है. यहां, एक ही नज़र में आप एक बार में ही बहुत से ऋणदाताओं द्वारा ऑफ़र की जा रही दरों और दूसरी सुविधाओं की तुलना कर सकते हैं. तो यह कैसे काम करता है?

  • अपना CIBIL स्कोर और रिपोर्ट प्राप्त करें और बिना किसी अतिरिक्त लागत के 3 महीने के लिए व्यक्ति के मुताबिक बनाए गए ऋण ऑफ़र की एक्सेस अपने आप पाएं!
  • एक से ज़्यादा (ऋणों और क्रेडिट कार्ड) ऑफ़र में से चुनें जिन्हें आपकी क्रेडिट प्रोफ़ाइल को ध्यान में रखकर कस्टमाइज़ किया गया है.
  • किसी ऋणदाता से प्राप्त ऑफ़र को चुनने पर, वे औपचारिकताएं पूरी करने के लिए आपसे संपर्क करेंगे.

तो संक्षेप में, आप न सिर्फ़ एक ही जगह से यह देख सकते हैं कि प्रतिभागी बैंक/वित्तीय संस्थान क्या ऑफ़र कर रहा है, बल्कि साथ ही वे ऑफ़र भी देख सकते हैं, जिन्हें आपके CIBIL स्कोर और रिपोर्ट के आधार पर ख़ास आपके लिए बनाया गया है. आपका CIBIL स्कोर, ऋण स्वीकृति की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है. ऋणदाता, आपका ऋण आवेदन स्वीकृत करने से पहले आपके CIBIL स्कोर की जांच करते हैं. आपका CIBIL स्कोर जितना अधिक होता है, आपके ऋण आवेदन के स्वीकृत होने की उतनी ही ज़्यादा संभावनाएं होती हैं.

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